25 साल की सेवा को सलाम, उत्तराखंड पुलिस को मिला राष्ट्रपति निशान।


उत्तराखंड पुलिस के 25 वर्ष के गौरवशाली सफर में शुक्रवार को एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित भव्य अलंकरण समारोह में उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति निशान (प्रेसिडेंट्स कलर) प्रदान किया। इस उपलब्धि के साथ उत्तराखंड यह सम्मान प्राप्त करने वाला देश का 16वां राज्य बन गया। समारोह में अमित शाह ने पुलिस परेड का निरीक्षण किया और पुलिस बल के अनुशासन, समर्पण तथा सेवा भावना की सराहना की।

समारोह में एसपी रुद्रप्रयाग निहारिका तोमर ने परेड की कमान संभाली। इस दौरान विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं ने देश की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। इनमें हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म के प्रतिनिधि शामिल रहे। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने राष्ट्रपति निशान ध्वज अधिकारी को सौंपा। उत्तराखंड पुलिस को राज्य गठन के बाद 25 वर्षों में कानून व्यवस्था, जनसुरक्षा और सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है।

समारोह में अमित शाह ने नशे के खिलाफ केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि 31 मार्च 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। नशे के कारोबार में शामिल लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को भी अगले तीन वर्षों में नशामुक्त बनाने की दिशा में काम करना होगा। इसके लिए पुलिस और प्रशासन को मिलकर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी।

मई 2027 के बाद खत्म होगी तारीख पर तारीख की व्यवस्था

केंद्रीय गृह मंत्री ने न्याय व्यवस्था में बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि मई 2027 के बाद तारीख पर तारीख की व्यवस्था समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और लोगों को समयबद्ध न्याय मिल सकेगा।

उत्तराखंड पुलिस के कामकाज की सराहना

अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस की पीठ थपथपाते हुए कहा कि पुलिस ने नशे के कारोबार और साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए बेहतर काम किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने विकास और उपलब्धियों के नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य की बढ़ती प्रतिष्ठा के साथ पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। सीमावर्ती राज्य होने के साथ यहां पर्यटन और धार्मिक यात्राओं का भी बड़ा दबाव रहता है। ऐसे में पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तत्परता से काम करना होगा।



Source link