
उत्तराखंड विधानसभा के गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण परिसर में बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच अनुपूरक बजट समेत 10 विधेयक पारित कर दिए गए। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं होने से नाराज कांग्रेस विधायकों ने सदन में विरोध जताया। इस दौरान काले झंडे और काले कपड़े लहराए गए। शोर-शराबे के बीच ही प्रश्नकाल और विधायी कार्यवाही पूरी की गई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
सत्र के दूसरे दिन कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा परिसर में धरना दिया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग उठाई। कार्यस्थगन सूचना स्वीकार नहीं किए जाने पर कांग्रेस विधायकों ने विरोध तेज कर दिया। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी विपक्ष का विरोध जारी रहा। कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए और काले कपड़े लहराकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच प्रश्नकाल शुरू कराया गया। मंत्री भरत चौधरी ने पहले तारांकित प्रश्न का जवाब दिया, लेकिन विपक्षी विधायकों का हंगामा थमा नहीं। इसके बावजूद सदन में अनुपूरक बजट और विधेयकों को पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।
वर्तमान विधानसभा का यह अंतिम सत्र होने के कारण बुधवार को विधायकों का सामूहिक फोटोशूट भी कराया गया। हालांकि, कांग्रेस विधायकों ने इससे दूरी बनाए रखी। इससे पहले मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई थी। इसमें सदन की आगामी कार्यवाही का कार्यक्रम तय किया गया। कांग्रेस ने इस बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया। पार्टी अगस्त 2025 में आयोजित सत्र के दौरान भी कार्यमंत्रणा समिति की बैठक से दूर रही थी।
बजट की अनुदान मांगों पर मतदान का कार्यक्रम तय था
कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में अनुपूरक बजट की अनुदान मांगें सदन में प्रस्तुत करने और चर्चा के बाद उन पर मतदान कराने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। इसके साथ ही उत्तराखंड विनियोग (2026-27 अनुपूरक) विधेयक, 2026 पर विचार और उसे पारित करने से जुड़ी कार्यवाही भी तय की गई थी। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल, बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद और भाजपा विधायक सहदेव सिंह पुंडीर मौजूद रहे।






