मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 138वां संस्करण सुना। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के सीमांत गांव माणा और बगोरी का विशेष उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के लोगों के प्रयासों को राष्ट्रीय मंच मिलना प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण के तहत उत्तराखंड के दुर्गम और बर्फीले क्षेत्रों में भी जनगणना का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने चमोली जिले के देश के प्रथम गांव माणा में जनगणना की शुरुआत 83 वर्षीय पूर्णिमा रावत से होने का उल्लेख किया। वहीं उत्तरकाशी के बगोरी गांव में होमस्टे संचालक हरदेव सिंह राणा की डिजिटल माध्यम से स्व-गणना का भी जिक्र किया।
धामी ने कहा कि माणा और बगोरी जैसे सीमांत गांवों के उदाहरण देश के सामने आना उत्तराखंड के लिए सम्मान की बात है। इससे सीमांत क्षेत्रों में हो रहे बदलाव, डिजिटल जागरूकता और राष्ट्र निर्माण में स्थानीय लोगों की भागीदारी सामने आती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जनगणना को प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए इसमें सक्रिय सहयोग की अपील की है। मुख्यमंत्री ने भी प्रदेशवासियों से जनगणना के दौरान सही जानकारी दर्ज कराने और राष्ट्रीय दायित्व में पूर्ण सहयोग देने का आह्वान किया।
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के दस वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना के शौर्य को याद किया। साथ ही स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, पोषण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर जनभागीदारी का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषय उत्तराखंड के लिए विशेष महत्व रखते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से इन प्रयासों में भागीदारी कर विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में योगदान देने की अपील की।






