देहरादून। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में वर्ष 2013 में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर सोमवार को राजपुर स्थित शहीद स्मारक में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने शहीद को पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी स्मृति में ₹27 लाख की लागत से बनने वाले पहाड़ी शैली के शहीद स्मृति द्वार का शिलान्यास किया।
मंत्री ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के माध्यम से बनने वाला यह स्मृति द्वार शहीद मनोज राणा के अदम्य साहस और बलिदान का स्थायी प्रतीक होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों की भूमि है और यहां के सैनिकों ने हर दौर में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। ऐसे वीर सपूतों के त्याग को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार और समाज की साझा जिम्मेदारी है।
गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। साथ ही केंद्र सरकार के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देकर सेना को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।
2013 में कुपवाड़ा में हुए थे शहीद
राइफलमैन मनोज राणा भारतीय सेना की 15 राष्ट्रीय राइफल्स और 2/4 गोरखा राइफल्स में तैनात थे। 27 जुलाई 2013 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनके शौर्य और बलिदान को आज भी पूरे सम्मान के साथ याद किया जाता है।





